google-site-verification=3UMOnUkxneISrOJI6OQSjsN3FKRd-ewxxcxUcZHp20A

akbar birbal | 50 akbar birbal stories

       बीरबल की सूझ-बूझ 

 

हेल्लो दोस्तों आज हम आपको  akbar birbal की एक कहानी birbal  की सूझ-बुझ कहानी सुनाने जा रहें हे,
दोस्तों इस संसार में एक akbar जी का चेला  एक birbal था. जो उसके राज्य की सारी समस्याओ को हल किया करता था.
बीरबल एक ऐसा इंसान था,जिसके पास हर समाधान का इलाज़ था !
वह  बहुत ही आसानी से किसी भी समस्या का समाधान किया करता था.!दोस्तों इसलिए आज हम आपके लिये एक नई पोस्ट akbar birbal stories लाये है.!
दोस्तों अगर आपको हमारी कहानी अच्छी लगे तो अब हमे इससे related और कहानिया comment box में ज़रूर लिखे…
जिससे की हम आने वाले दिनों में जब हम आपके लिये akbar birbal   की
नई-नई पोस्ट लेकर आये तो उनमे से कुछ आपके मन-पसंद की होनी चाहिए.!
akbar birbal

एक दिन की बात है कि एक बूढ़ी स्त्री अपनी विधवा बहू के साथ बादशाह के दरबार में सहायता के लिए पहुंची।

और फ़िर वह अपनी सहायता के लिये birbal को बताती है, की —“मेरा बेटा बीस साल तक शाही सेना में सेवा करता रहा,

और फ़िर वह बूढी ओरत बीरबल से कहती की  कुछ दिन पहले युद्ध हुआ था,

 

युद्ध में मेरा बेटा शहीद हो गया, उसकी मृत्यु के हम बेसहारा हो गए, किया आप हमारी कुछ सहायता करने का कष्ट करें।”

जिससे की हम अपने पेट का पालन-पोषण कर सके,

 

जिससे हमे दिन में खाना नजीब हो सके.

बीरबल birbal ने उस कहा की तुम अभी यहा आराम करो और —“निश्चित  रहो!

 

 हमारे बादशाह बड़े रहम दिल, दयालु और अच्छे  हैं। वे तुम्हारी सहायता अवश्य ज़रूर  करेंगे,

तुम बस वैसे ही करती जाना, जैसे मैं कहूं। तुम कल दरबार में सही वक्त पर पहुंच जाना।”

 

moral stories in hindi

 

 

फ़िर बूढी-स्त्री अपने घर लोट जाती हे,

फ़िर घर में जाने के बाद वह बूढी-स्त्री अपने बहु से कहती हे,की महाराज जी हमारी मदद ज़रूर अवश्य करेंगे.

अगली सुबह बुढ़िया अपनी बहू के साथ दरबार में पहुंच जाती है ।

 

उसने राजमहल में बादशाह से अर्ज की और अपने शहीद बेटे की तलवार भी दिखाई।

 उसने बादशाह से कहा—“जहांपनाह!  मेरे बेटे ने कभी भी जंग से मुंह नहीं फेरा,और नही ही उसने कभी हिम्मत हारी थी.

 और उसने इसी तलवार से बहुत-सी लड़ाइयां लड़ी हैं।

 

और फ़िर वह बूढी-स्त्री बादशाह से कहती है,

की आप अब हुजूर! इस तलवार को आप अपने शस्त्रों में स्थान दीजिए।” जिससे मेरे शहीद बेटे को भी आत्मा को सन्ति मिले |

akbar  बादशाह ने कहा-“लाइए, दिखाइए यह तलवार।” स्त्री ने वह तलवार बादशाह को दे दी।

 

और akbar से कहा की आप अच्छे से इस तलवार को देख लीजिये.

akbar  बादशाह ने तलवार का ध्यान से जायजा लिया, यह तलवार पुरानी और जंग लगी थी |

इसलिए बादशाह ने सोचा- ‘यह मेरे किस काम की।

 

stories

उन्होंने वह तलवार एक सैनिक को दे दी और कहा , तलवार इस बूढ़ी औरत को वापस कर दी जाए

और इसके साथ सोने की पांच मोहरें भी दे दी जाएं।”

 

बीरबल ने जब सुना कि केवल पांच मोहरें, तो उन्हें धक्का-सा लगा फिर उसने बादशाह से

कहा-“आलमपनाह! क्या मैं यह तलवार देख सकता हूं?”

 

उसके बाद बीरबल ने तलवार अपने हाथ में ली और उसे गौर से निरखा-परखा, उल्टा-पुलटाकर जायजा लिया और फिर चुप हो। गए।

बीरबल को इस प्रकार चुप देखकर बादशाह ने पूछा-“बीरबल! हमें अपने दिल की बात बताओ, तुम चुप क्यों हो गए?”

 

अब बीरबल बोले-“कुछ नहीं जहांपनाह! मुझे यकीन था कि यह तलवार सोने की बन जाएगी।”

अकबर बादशाह चौंके–“सोने की?”

 

“जी हां, आलमपनाह!” बादशाह ने कहा— “साफ कहिए, यह सोने की कैसे बन सकती

बीरबल ने कहा-“आलमपनाह! एक छोटा-सा पत्थर पारस’ लोहे को सोने में बदल सकता है,

मैं तो इस बात से बहुत हैरान हूं कि आपके हाथों में आने के बाद भी यह तलवार साधारण-सी लोहे की क्यों रह गई?”

 

Akbar
बादशाह अब समझ गए थे कि बीरबल क्या चाहते हैं,

उन्होंने तुरंत ही उस स्त्री को तलवार के वजन के बराबर सोना देने की आज्ञा दे दी।

दोनों गरीब स्त्रियां सोना लेकर अकबर और बीरबल का आभार व्यक्त करतीं और दुआएं देती हुई वहां से चली गईं |

 

moral stories: आपका इंसान हो या न हो लेकिन उपर बाला आपके साथ न्याए जरुर करता हे.!

 

 

दोस्तों अगर आप इससे realted akbar birbal की कहानिया पढना चाहते है,

तो ये निचे कुछ कहानिया है, जिस पर click करके आप और नई-नई कहानिया पढ़ सकते हो…

 

related post: 

4 thoughts on “akbar birbal | 50 akbar birbal stories

Leave a Reply to Arpit Cancel reply

Your email address will not be published.